ब्रेकिंग
स्वैच्छिकता पर्व के तहत "एक पेड़ माँ के नाम" अभियान में हुआ पौधारोपण वर्ष 2026 की द्वितीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 09 मई 2026 को‘‘ जिला न्यायालय हरदा एवं तहसील न्... हरदा में केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उईके ने अमृत भारत एक्सप्रेस का स्वागत किया मुख्यमंत्री डॉ. यादव करेंगे उपार्जन केन्द्रों का आकस्मिक निरीक्षण* *किसी भी समय,कहीं भी उतर सकता... सीएम डॉ. मोहन यादव के प्रयासों का दिखा असर, 100 लाख मीट्रिक टन हुआ गेहूं खरीदी कोटा उज्जैन: नागझिरी थाना क्षेत्र में खदान के तालाब में डूबने से दो किशोरों की मौत, देर रात तक चला रेस्क्... उज्जैन महाकाल की शरण में अनुपम खेर और शुभांगी दत्त; भोग आरती में हुए शामिल* उज्जैन के बड़नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई 1 किलो से ज्यादा गांजा के साथ आरोपी गिरफ्तार* भारत की सुरसम्राज्ञी का अवसान- आशा भोसले (1933–2026)- एक युग का अंत,एक अमर धरोहर की शुरुआत आशा भोसल... अधिकारियों ने जनसुनवाई में सुनी नागरिकों की समस्याएं
मध्यप्रदेशहरदा

वर्ष 2026 की प्रथम नेशनल लोक अदालत का आयोजन दिनांक 14 मार्च 2026 को‘‘ जिला न्यायालय हरदा एवं तहसील न्यायालय में कुल 13 खण्डपीठों द्वारा आपसी सहमति से निपटेंगे मामले

हरदा राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार तथा प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष अरविंद रघुवंशी के मार्गदर्शन में दिनांक 14.03.2026 को जिला न्यायालय हरदा तथा तहसील न्यायालय खिरकिया एवं टिमरनी में नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है।

उक्त नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय हरदा में 12 तथा टिमरनी में 1 न्यायिक खण्डपीठ का गठन किया गया है। जिनके द्वारा न्यायालयों में लंबित राजीनामा योग्य सिविल प्रकरण तथा शमनीय अपराधिक प्रकरणों को राजीनामें के माध्यम से निराकृत किया जावेगा।

उक्त नेशनल लोक अदालत में प्रीलिटिगेशन स्तर पर विद्युत विभाग ,नगरपालिका, बैंको, फायनेंस कंपनियों आदि से संबंधित प्रकरणो को वाद के न्यायालय में दायर होने से पहले ही निराकृत किया जावेगा। तत्संबंध में विद्युत विभाग एवं नगरपालिका द्वारा जलकर, संपत्तिकर के प्रकरणों में राजीनामें को बढावा देने हेतु छूटें जारी की गई हैं। जिनका लाभ आमजन केवल नेशनल लोक अदालत में ही प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही लोक अदालत में निपटने वाले प्रकरणों में अपील का प्रावधान नहीं है, जिससे यदि किसी व्यक्ति का प्रकरण लोक अदालत में निराकृत होता हैं, तो वह हमेशा के लिये उस प्रकरण से मुक्त हो जाता है, तथा उसे उसके द्वारा जमा की गई कोर्ट फीस भी वापिस हो जाती है। इस प्रकार लोक अदालत में निराकृत होने वाले प्रकरणों में पक्षकारगणों के धन एवं समय की बचत होती हैं, साथ ही उसे विवादों से निजात भी मिल जाती है।

अतः सभी आमजन से अपील की जाती है कि वे दिनांक 14 मार्च 2026 को प्रातः 10ः30 बजे से आयोजित होने वाली लोक अदालत में अपने प्रकरणों का निपटारा करें तथा प्रकरणों से हमेशा के लिये मुक्ति पाते हुए अपने धन व समय की बचत करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button