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बिहार

बिहार के 3 लाख घरों के हाउस नंबर 000 या 0/0000… चुनाव आयोग पर फिर बरसे तेजस्वी यादव

एसआइआर मामले पर अभी तक चुनाव आयोग और एनडीए सरकार पर निशाना साध रहे नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अब सीधे-सीधे बिहार के डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को निशाने पर ले लिया है. तेजस्वी यादव ने रविवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा के दो जगहों पर मतदाता सूची में नाम होने का दावा किया. इस दौरान उन्होंने विजय कुमार सिंह के राजधानी के बांकीपुर और लखीसराय जिले में दो जगह पर मतदाता सूची के बारे में जानकारी दी. उन्होंने विजय कुमार सिन्हा की उम्र से लेकर के सीरियल नंबर के बारे में विस्तार से बताया.

तेजस्वी यादव ने चुनावी हलफनामा का जिक्र करते हुए बांकीपुर विधानसभा क्षेत्र में क्रमांक का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उपमुख्यमंत्री ने दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्र में दो अलग-अलग गणना फॉर्म को भरा होगा. इनके पास बीएलओ गए होंगे. चाहे वह लखीसराय हो या फिर बांकीपुर तब विजय कुमार सिन्हा ने साइन किया होगा. अगर हस्ताक्षर डिप्टी सीएम ने नहीं किए हैं, तो जो बात हम लोग कह रहे हैं कि पूरे तरीके से फर्जीवाड़ा चल रहा है उसकी उसकी पुष्टि हो जाएगी. या तो चुनाव आयोग की पूरी एसआइआर की प्रक्रिया ही फर्जी है या फिर बिहार के उपमुख्यमंत्री फर्जी हैं.

तेजस्वी यादव का विजय कुमार सिन्हा पर गंभीर आरोप

तेजस्वी ने कहा कि विजय कुमार सिन्हा ने या तो जानबूझकर के दो अलग-अलग सबूत दिए होंगे. तो कभी पटना में वोट देते होंगे तो कभी लखीसराय में भी वोट देते होंगे. अगर विजय कुमार सिन्हा ने दोनों जगह सिग्नेचर किए हैं तो उनकी गलती है और अगर इन्होंने सिग्नेचर नहीं किए हैं तो पूरी प्रक्रिया फर्जी है. यह प्रधानमंत्री के दुलरूवा हैं. अगर साइन नहीं किया है तो इनको सामने आकर बताना चाहिए. चुनाव आयोग से हम लोग निष्पक्षता और पारदर्शिता की बात कर रहे हैं. हम लोगों ने आवाज को उठाया है.

चुनाव आयोग द्वारा जारी नोटिस पर तेजस्वी का बयान

चुनाव आयोग की तरफ से जारी नोटिस के बारे में जानकारी देते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कई लोग हमसे सवाल पूछ रहे हैं कि हमने जवाब दिया है या नहीं? मैं बताना चाहूंगा कि हमारे ऊपर मीडिया ट्रायल चल रहा है. मीडिया के जरिए से पता चलता है कि हकीकत क्या है? आठ तारीख तक जवाब देना था और सात तारीख को नोटिस शाम को आया. हमने अगले दिन यानी कि आठ तारीख को चुनाव आयोग को जवाब भेज दिया. उन्होंने स्पीड पोस्ट से भेजा, मैंने भी स्पीड पोस्ट से भेज दिया. मेरे जवाब भेजने से पहले ही मीडिया ट्रायल शुरू हो जाता है. नोटिस की जानकारी मुझे नहीं मिलती है. उनका कहना था कि अब मेरा सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग या पटना जिला प्रशासन और लखीसराय जिला प्रशासन डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा को नोटिस भेजेगा? क्या विजय सिंह पर कार्रवाई होनी चाहिए? जितनी जल्दी हमारे ऊपर कार्रवाई करने की बात कही गई.

बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान को खत्म करने का आरोप

तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बीजेपी लोकतंत्र और संविधान को खत्म कर रही है। जब बीजेपी सामने से खत्म नहीं कर पा रही है तो चुनाव आयोग को आगे करके लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है। एसआइआर बहुत बड़ा फर्जीवाड़ा है। यह बात हम लोगों ने कई बार कही है। हम लोग पूरे प्रमाण के साथ कोर्ट में बात रखेंगे कि कैसा फर्जीवाडा चल रहा है। इससे बड़ा उदाहरण क्या हो सकता है कि बिहार के उपमुख्यमंत्री का एसआइआर के बाद भी दो जगह पर मतदाता सूची में नाम है। पुनरीक्षण के बाद भी इससे बड़ा कोई सबूत नहीं है कि कितना बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है.

बिहार के हाउस नंबरों में गड़बड़ी का आरोप

तेजस्वी ने कहा कि बिहार के तीन लाख घरों के हाउस नंबर 000 या 0/ 0000 हैं. यह मजाक है. यह कौन सी एसआइआर प्रक्रिया है? मुझे लगता है कि विजय सिन्हा और इलेक्शन कमिश्नर को इन चीजों को ईगो में नहीं लेना चाहिए. आप लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए हैं. निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए हैं. अगर विपक्ष कोई सवाल उठा रहा है, कोई शिकायत कर रहा है या सुझाव दे रहा है तो प्रक्रिया सरल और प्रैक्टिकल होने चाहिए. प्रक्रिया मतदान और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए होनी चाहिए न कि भारतीय जनता पार्टी को मजबूत करने के लिए होनी चाहिए.

राहुल गांधी के आरोपों के समर्थन में तेजस्वी यादव

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि राहुल गांधी ने भी बताया कि किस तरीके से हेरा फेरी हुई है, लेकिन यह चलने वाला नहीं है. अब हम लोग भी देखते हैं कि विजय कुमार सिन्हा पर कार्रवाई होती है या नहीं होती है. अगर विजय कुमार सिन्हा गलत पाए गए तो उनको इस्तीफा दे देना चाहिए और उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज होनी चाहिए. अगर चुनाव आयोग गलत पाया जाए तो इलेक्शन कमिश्नर को एसआइआर वापस लेनी चाहिए और माफी मांगनी चाहिए.

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